गोण्डा। रिक्रूट आरक्षियों की आधारभूत प्रशिक्षण परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है। पासिंग आउट परेड के उपरांत कुल 498 रिक्रूट आरक्षियों को थाना स्तर पर 06 माह के व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु भेजा जाएगा, जहां वे वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। इसी क्रम में दिनांक 16.04.2026 को पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा स्थित अमर शहीद राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी बहुउद्देशीय हॉल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों से संवाद स्थापित किया गया। संवाद के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशिक्षणाधीन आरक्षियों को पुलिस सेवा के मूलभूत सिद्धांतों, अनुशासन, आचरण, कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा की भावना के प्रति विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने प्रशिक्षण अवधि के दौरान रिक्रूट आरक्षियों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, समर्पण एवं सकारात्मक आचरण की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण में सीखे गए मूल्य ही उनके भावी पुलिस जीवन की आधारशिला होंगे। पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि थाना स्तर पर नियुक्ति के उपरांत सभी आरक्षी अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्णतः सजग एवं जिम्मेदार रहें तथा ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे पुलिस विभाग की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। उन्होंने उच्चाधिकारियों के आदेशों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन सर्वाेपरि है। आमजन के साथ व्यवहार के संबंध में पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष रूप से संवेदनशील रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रथम दायित्व जनता की सेवा एवं सुरक्षा है, अतः प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मानजनक एवं शालीन व्यवहार किया जाए। किसी भी परिस्थिति में अभद्र भाषा का प्रयोग न करते हुए संयमित एवं विनम्र शब्दों का प्रयोग किया जाए, जिससे जनता का विश्वास पुलिस के प्रति और अधिक सुदृढ़ हो सके। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया के उपयोग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिसमें बताया गया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया का प्रभाव व्यापक है, अतः किसी भी प्रकार की ऐसी पोस्ट, फोटो अथवा टिप्पणी साझा न की जाए जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो या गोपनीयता भंग होने की संभावना हो। सोशल मीडिया का उपयोग पूर्ण जिम्मेदारी एवं मर्यादा के साथ किया जाए। पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सेवा एवं जिम्मेदारी का माध्यम है, जिसमें धैर्य, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं संवेदनशीलता अनिवार्य है। उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों को प्रेरित करते हुए अपने आचरण एवं कार्यशैली से पुलिस विभाग की गरिमा को बढ़ाने तथा समाज में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन रिक्रूट आरक्षियों द्वारा पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं ईमानदारी के साथ पुलिस सेवा में कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
