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DELHI: कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव चुनौती से कम नहीं, दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष कौन हो सकता है

Ranjeet Gupta 7 years ago 1 minute read 0 comments

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का विकल्प तलाशने में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पसीने छूटना तय माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि अगले कुछ दिनों में पार्टी संगठन में बड़े बदलाव करने होंगे। हालांकि, दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष कौन हो सकता है, इसे लेकर कोई भी एकराय बनती हुई नहीं दिख रही है।

लोकसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस ने तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित को कांग्रेस संगठन का कमान सौंपा था। इससे पूर्व भी 1998 में शीला दीक्षित दिल्ली में कांग्रेस संगठन का दायित्व संभाल चुकी थीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को नई ऊंचाइयां प्रदान की थीं।

माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें जिम्मेदारी सौंपने से पार्टी संगठन को एक बार फिर से पहले जैसी मजबूती प्रदान करने में सफलता मिलेगी। जबकि, उनकी उम्र को देखते हुए पार्टी ने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए थे।

पार्टी के वरिष्ठ नेता हारुन यूसुफ, राजेश लिलोठिया व देवेन्द्र यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। लेकिन, लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद से ही संगठन में एक-दूसरे को नीचा दिखाने का दौर सा चल पड़ा था। इसे रोकने में किसी को भी कामयाबी हासिल नहीं हो रही थी।

दिल्ली की 280 ब्लाक समितियों को भंग करने और उनका दोबारा चुनाव कराने के मुद्दे पर तो शीला और पीसी चाको के बीच टकराहट खुलकर सामने आ गई। जबकि, तीनों कार्यकारी अध्यक्षों की ओर से भी शीला दीक्षित को पत्र लिखकर निर्णयों में शामिल नहीं करने की शिकायत की गई थी।

तो क्या माकन को फिर सौंपी जा सकती है कमान 

पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि विकल्पों के अभाव में एक बार फिर से अजय माकन को कमान सौंपी जा सकती है। हालांकि, इससे पहले अजय माकन ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली कांग्रेस का पद छोड़ा था। ऐसे में दोबारा उनके अध्यक्ष बनने को लेकर निश्चित होकर कोई कुछ नहीं कह रहा है। जबकि, पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली इससे पहले पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, जल्द ही उन्हें अपनी गलती समझ में आई और उन्होंने कांग्रेस में वापसी कर ली।

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