किसानों के साथ होने वाली बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जताई सकारात्मक बातचीत की उम्मीद।
-उन्होंने कहा कि उम्मीद है किसान आंदोलन का रास्ता छोड़ेंगे।
-केंद्र सरकार के साथ कृषि कानूनों पर होने वाली बैठक पर किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा, आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी। आज बैठक में कोई और बात नहीं होगी, कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी।
किसानों से बातचीत से पहले किसान आंदोलन पर पीएम आवास पर बड़ी बैठक।
-पीएम मोदी के साथ हो रही इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बैठक में शामिल।

पिछले 10 दिन से राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे इस आंदोलन को कई अन्य राज्यों से भी मिल रहा है समर्थन।
-बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने आज से धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन करने का ऐलान किया है।
-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन को किसानों से मिलने भेजा था और वह करीब चार घंटे तक किसानों के साथ रहे। इस दौरान सुश्री बनर्जी ने टेलीफोन पर कई किसान नेताओं से बातचीत की और उन्हें हर तरह का समर्थन देने का आश्वासन दिया।
-दिल्ली की सीमा पर किसानों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है और वे राष्ट्रीय राजधानी के सभी रास्तों को बंद करने की धमकी भी दे रहे हैं।
-इस बीच हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा कई अन्य राज्यों से आंदोलनकारी किसानों को खाने पीने की वस्तुओं की भरपूर मदद की जा रही है। इस आंदोलन को ट्रेड यूनियन संगठनों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों तथा कुछ अन्य लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।राजद नेता तेजस्वी यादव पटना के गांधी मैदान में किसानों के समर्थन में धरना देंगे।
किसानों की कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ आज दोपहर 2.30 बजे 5वें दौर की बातचीत।
-सरकार के साथ होने वाली 5वें दौर की बातचीत से पहले किसानों ने अपना रूख और सख्त कर लिया है।
-सूत्रों ने अनुसार सरकार ने गतिरोध खत्म करने के लिए उन प्रावधानों का संभावित हल तैयार कर लिया है जिन पर किसानों को ऐतराज है।
-किसानों ने 8 दिसम्बर को ‘भारत बंद’ का शुक्रवार को ऐलान किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे राष्ट्रीय राजधानी की तरफ जाने वाली और सड़कों को बंद कर देंगे।
भारतीय किसान संघ (BKS) ने 3 विवादास्पद केंद्रीय कृषि कानूनों में 4 संशोधनों का प्रस्ताव देते हुए इसे ‘किसान हितैषी’ बनाने और उन आशंकाओं का समाधान करने का प्रस्ताव रखा, जिनके कारण इन कानूनों का विरोध हो रहा है।
-बीकेएस के महासचिव बद्री नारायण चौधरी ने कहा, ‘नए कानूनों को खत्म करने के बजाय जैसा कि कुछ संगठन मांग कर रहे हैं, हम इन कानूनों में चार संशोधनों का प्रस्ताव रखते हैं।’ केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच शुक्रवार को हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल और स्थानीय पत्रकार को गोली मारने की धमकी दी गई।
-पुलिस जांच में पाया गया कि धमकी भरा फोन हिसार जिले के गांव शिकारपुर से किया गया है और जिस नंबर से धमकी दी गई वह उत्तर प्रदेश के किसी व्यक्ति के नाम दर्ज है। इस मामलें में पुलिस की दो टीमें जांच में जुटी हैं।
-हाल ही कृषि मंत्री जेपी दलाल ने एक बयान देकर किसान आंदोलन में विदेशी ताकतों का हाथ होने की आशंका जताई थी।
