लखनऊ। प्रादेशिक सहकारी डेयरी संघ लिमिटेड, लखनऊ द्वारा जेम पोर्टल पर जारी निविदा संख्या LMD/2025/6386610 दिनांक 27.06.2025 के अंतर्गत मैनपावर आउटसोर्सिंग सेवाओं हेतु एजेंसी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह निविदा पूर्व में भी तीन बार निरस्त की जा चुकी है। हर बार निविदा शर्तों में ऐसे संशोधन किए गए, जिनसे केवल एक विशेष कंपनी को ही लाभ हो सके। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने तकनीकी रूप से योग्य घोषित करके DGP, छत्तीसगढ़ को अनुचित लाभ पहुँचाया, जबकि प्रस्तुत दस्तावेजों और शर्तों की गहन जाँच आवश्यक थी।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दस्तावेजों की निष्पक्ष जाँच किए बिना केवल वांछित कंपनी को लाभ पहुँचाने के लिए तकनीकी मूल्यांकन में कंपनी को योग्य घोषित करना दर्शाता है कि इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हुआ है और सरकारी धन व नीतियों का दुरुपयोग किया गया है।
इस संदर्भ में, बीटी भारत छम के संपादक आलोक कुमार गुप्ता ने फर्जी दस्तावेजों से संबंधित साक्ष्यों के साथ माननीय मुख्यमंत्री और उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उच्च अधिकारियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार का संदेह और भी पुख्ता होता है। गंभीर आरोप है कि नियमों और सरकारी आदेशों की अवहेलना करते हुए मोटी रकम लेकर अनुचित तरीके से उक्त कंपनी को टेंडर दिया गया है। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की जा रही है, ताकि सरकारी धन और नीतियों का दुरुपयोग रोका जा सके।
