लखनऊ, 10 सितम्बर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित यूपी-112 मुख्यालय में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक यूपी-112 श्रीमती नीरा रावत ने आत्महत्या की सूचनाओं पर तत्परता से पहुंचकर अमूल्य जीवन बचाने वाले 225 पीआरवी कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही जीवन रक्षक कॉल्स पर संवेदनशील काउंसलिंग कर कॉलर की जान बचाने वाली तीन संवाद अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
यूपी-112 की स्थापना के बाद से अब तक लगभग 41,580 आत्महत्या संबंधी सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देकर अनगिनत लोगों की जिंदगी बचाई जा चुकी है। इनमें फांसी लगाने, नदी या नहर में कूदने, रेल की पटरी पर बैठकर जान देने, ऊंची इमारतों से कूदने और अन्य प्रकार के प्रयास शामिल रहे हैं। पीआरवी कर्मियों ने न केवल मौके पर पहुंचकर आत्महत्या रोकने का कार्य किया बल्कि उन्हें काउंसलिंग कर सकुशल परिवार के सुपुर्द भी किया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यूपी-112 केवल एक आपात सेवा नहीं है बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। यहां तैनात पीआरवी कर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य की संवेदनशीलता, काउंसलिंग के बुनियादी कौशल, प्राथमिक उपचार और सीपीआर का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वे आपात परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से सहायता कर सकें।
जनवरी 2025 से अगस्त 2025 तक की अवधि में 4,895 आत्महत्या के प्रयास की सूचनाओं पर समय पर प्रतिक्रिया देकर अनगिनत लोगों की जान बचाई गई। इन्हीं घटनाओं पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मियों को आज सम्मानित किया गया। संवाद अधिकारियों में कॉल टेकर शिवानी राय ने पति-पत्नी विवाद के चलते आत्महत्या की धमकी दे रहे कॉलर को समझाकर उसकी जान बचाई। एक अन्य घटना में कॉल टेकर ने विषपान कर चुकी महिला को तुरंत सहायता दिलाई। प्रयागराज स्थित कॉल सेंटर की संवाद अधिकारी राफीना ने जहर खा चुके कॉलर को हिम्मत बंधाई और समय रहते एंबुलेंस और पुलिस को मौके पर भेजकर उसका जीवन सुरक्षित किया।
विभिन्न जनपदों से सामने आए वास्तविक उदाहरण पीआरवी कर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। कानपुर नगर में पीआरवी-0710 ने कमरे में फांसी लगा रहे व्यक्ति को दरवाजा तोड़कर उतारा और सीपीआर देकर जीवनदान दिया। आगरा में पीआरवी-0031 ने एक महिला और उसके दो बच्चों को रेलवे ब्रिज से कूदकर आत्महत्या करने से रोका। प्रतापगढ़ में पीआरवी-6588 ने रेलवे ट्रैक पर अपने जुड़वां बच्चों के साथ बैठी महिला को ट्रेन से पहले सुरक्षित हटाया। वहीं लखनऊ में पीआरवी-4832 ने गोमती नदी में बह रही महिला को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि यूपी-112 चौबीसों घंटे नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए संकल्पित है। “आपकी सेवा में सदैव तत्पर” के ध्येय वाक्य पर चलते हुए यूपी-112 न केवल पुलिस, फायर और एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराती है बल्कि हर संकट की घड़ी में जीवन बचाने का कार्य भी कर रही है। आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम उन सभी कर्मियों के समर्पण और मानवीय सेवा भाव को सलाम करता है जिन्होंने अपनी तत्परता और साहस से अनगिनत परिवारों को बिखरने से बचाया।



