लखनऊ । लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन करने वाले तीन छात्रों के निष्कासन के खिलाफ चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को गुरुवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का समर्थन मिला। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय पहुंचकर धरनारत छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्कासन की कार्रवाई वापस लेने तथा बढ़ी हुई फीस तत्काल कम करने की मांग की।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति की अनुपस्थिति में विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार से मुलाकात कर छात्रों के निष्कासन को निरस्त करने और उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कांग्रेस पार्टी छात्रहित में व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्यामकिशोर शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उच्च शिक्षा आम और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की पहुंच से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ाई जा रही फीस के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सामान्य परिवारों के लिए अपने बच्चों को विश्वविद्यालय में शिक्षा दिलाना कठिन हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।कांग्रेस नेता, प्रवक्ता एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता अंशू अवस्थी ने कहा कि विश्वविद्यालय में फीस में कई गुना वृद्धि कर दी गई है, जिससे आम आदमी के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र जब फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल निष्कासित छात्रों को बहाल करने और फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की।अंशू अवस्थी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और इससे परिसर का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में छात्र आंदोलनों के दौरान प्रशासन संवाद स्थापित करता था, लेकिन वर्तमान में छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विचार विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि देश में शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे आम परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।धरने को मनोज तिवारी, संजय सिंह, अब्दुल्ला आजम और आर्यन मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने छात्रों के निष्कासन को तत्काल वापस लेने, उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने तथा बढ़ी हुई फीस को वापस लेने की मांग दोहराई।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में श्यामकिशोर शुक्ला, सुरेंद्र यादव, अंशू अवस्थी, अमित राय, संजय सिंह, बृज मौर्य, कुलदीप दिवाकर, अंकित तिवारी, श्रवण गुप्ता, अब्दुल्ला आजम, मनोज तिवारी, आर्यन मिश्रा, राकेश पाण्डेय, शमी खान सहित कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।
