अटल बिहारी वाजपेयी 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बने थे। 13 अक्टूबर 1999 को उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई गठबंधन सरकार के प्रमुख के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया। वे 1996 में बहुत कम समय के लिए प्रधानमंत्री बने थे।

अटल जी 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल हो गए थे उसके बाद उन्होंने पत्रकारिता छोड़ दी। आज की भारतीय जनता पार्टी को पहले जन संघ के नाम से ही जाना जाता था। वाजपेयी जी राजनीति के क्षेत्र में लगभग चार दशकों तक सक्रिय रहे।
इस वजह से ये कहा जाता है कि कविता लिखना और सुनाने की कला उनको विरासत में मिली थी। वैसे शुरुआत में उन्होंने अपना करियर एक पत्रकार के रूप में शुरू किया था, पत्रकारिता के दौरान उन्होंने राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन जैसी पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया।
अटल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी नेता थे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। वो एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, नि:स्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। इसके अलावा भाजपा में एक उदार चेहरे के रूप में उनकी पहचान भी थी।
