नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और बीएसपी के संबधों में जो थोड़ा बहुत सुधार आता दिख रहा था ऐसा लग रहा है कि एक बार फिर इसमें बहुत ज्यादा तनाव बढ़ गया है. नागरिकता कानून, एनसीआर और जेएनयू के मुद्दे पर आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्ष की बैठक बुलाई थी लेकिन बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने इस बैठक में जाने से इनकार कर दिया है और ट्वीटर करके इसके पीछे की वजह भी बताई है.
उन्होंने कहा, ‘ जैसा कि विदित है कि राजस्थान कांग्रेसी सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिये जाने पर भी, इन्होंने दूसरी बार वहाँ बीएसपी के विधायकों को तोड़कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है जो यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है’. उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, यह राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा. इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी.’ मायावती ने कहा कि वैसे भी बीएसपी CAA/NRC आदि के विरोध में है. केन्द्र सरकार से पुनः अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापिस ले. साथ ही, JNU व अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण.



