लखनऊ, । उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ के ऐशबाग स्थित संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का निर्माण आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर प्रदेश की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह स्मारक एक प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसे भव्य स्वरूप देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल तथा मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माणाधीन स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था को सभी कार्य गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण के अंतर्गत 500 व्यक्तियों की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इस भवन में डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवन संघर्षों पर आधारित संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग उनके जीवन और योगदान से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही यहां एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जा रहा है, जहां युवा पीढ़ी बाबा साहेब के कृतित्व और व्यक्तित्व के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगी।पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 जुलाई 2026 की निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा की जाए तथा किसी भी प्रकार की बाधा आने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भवन की आंतरिक एवं बाह्य साज-सज्जा का कार्य 31 मई 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही आंबेडकर प्रतिमा के लिए फाउंडेशन, अंडरग्राउंड वाटर टैंक, पंप रूम, गार्ड रूम, बाउंड्री वॉल, आंतरिक सड़क और सीवर लाइन जैसे कार्यों को भी गुणवत्ता के साथ पूरा करने को कहा।जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस स्थल को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है और यह राजधानी में स्थित प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों की श्रेणी में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ आने वाले पर्यटक और डॉ. आंबेडकर में आस्था रखने वाले श्रद्धालु यहां आकर उनके संघर्ष, त्याग और देश के प्रति योगदान को जान सकेंगे।निरीक्षण के दौरान लाल जी प्रसाद निर्मल ने निर्माणाधीन स्थल को और आकर्षक बनाने के लिए सुझाव दिए, जबकि मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां शोध केन्द्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।इस अवसर पर विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन, कार्यदायी संस्था के प्रबंध निदेशक सहित संस्कृति विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
