कोविड-19 संक्रमण को तेजी से फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन जारी है. इस स्थिति में योगी सरकार ने प्रवासी मजदूरों को 15 दिन का मुफ्त राशन देने के साथ 1000-1000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. आश्रय स्थलों में रहने वालों का वहीं पर पंजीकरण करने के बाद यह पैसा सीधे उनके खाते में दिया जाएगा. सीएम योगी ने अफसरों को निर्देश दिए कि इन श्रमिकों, कामगारों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराई जाए. इसके बाद बस द्वारा सभी को इनके जनपदों में भेजा जाएगा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शेल्टर होम को सेनिटाइज कर सभी के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. वहीं, 14 दिन की क्वारेंटाइन अवधि पूरी करने के बाद सबको राशन किट और 1000-1000 रुपये भरण-पोषण भत्ते के तौर पर दी जाएगी.

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले 45 दिनों में राज्य में आए पांच लाख श्रमिकों को रोजगार देने के लिए एक समिति का गठन करने का भी निर्देश दिया था. उनके निर्देश पर समिति का गठन कर दिया गया है. रविवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इसकी जानकारी दी. सीएम योगी ने देश के विभिन्न हिस्सों से पिछले 45 दिनों में राज्य में लौटे श्रमिकों के हित में यह फैसला लिया है.यूपी में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या रविवार को 1873 हो गई. राज्य के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की ओर से देर शाम जारी बुलेटिन में बताया गया कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या रविवार को 1873 हो गई.
