तीन माह से चल रहा कंपन का सिलसिला बारिश रूकने के बाद भी नहीं थमा है। रिक्टर स्केल पर 3.3 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया है। भोपाल मौसम ने इसकी पुष्टि की है। भोपाल मौसम विभाग के विज्ञानी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि सिवनी जिले के 21.92 उत्तरी अक्षांश 79.50 पूर्वी देशांतर के निकट 3.3 रिक्टर तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। भूकंप का केंद्र (एपी सेंटर) 15 किलोमीटर गहराई में स्थित था। हालाकि इस भूकंप से जान-माल का नुकसान होने की खबर नहीं है।
27 अक्टूबर के तड़के तीन से चार बार लोगों ने जोरदार झटकों में शहरवासियों में खौफ बढ़ा दिया है। झटकों के बाद नाराज लोगों ने डूंडासिवनी थाने के सामने एकत्रित होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। डूंडासिवनी सहित शहर सभी हिस्सों में भूकंप जैसे कंपन के जोरदार झटके मंगलवार सुबह महसूस किए गए। झटकों का असर इतना अधिक था कि गहरी नींद में सो रहे लोगों की नींद भी टूट गई। तेज आवाज के साथ सुबह 3.53 बजे पहली बार लोगों को धरती हिलने का अहसास हुआ। इसके बाद कई बार धरती हिलने से लोग घरों से बाहर निकलकर सड़क पर आ गए।

तकरीबन 4.14 बजे आए झटके ने लोगों की नींद उड़ा दी। लोगों को घर हिलता महसूस हुआ। सोशल मीडिया वॉट्सऐप ग्रुप में लोगों की प्रतिक्रिया में आना शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ते भूकंप के झटकों का कारण पता लगाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है।
सिवनी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कंपन के झटके महसूस होने का सिलसिला तीन माह से चल रहा है। लोगों का कहना है कि लगातार महसूस किए जा रहे झटकों से घर व भवन को नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। कई लोगों का दावा है कि झटकों से घर के ऊपरी हिस्से की दीवारों में गहरी दरारें आ रही हैं। हालाकि अब तक झटकों से कोई बड़े नुकसान की बात सामने नहीं आई है। 24 अक्टूबर शनिवार को दोपहर दो बजे तेज आवाज के साथ धरती हिल गई थी। इससें कई लोग अपने घरों से बाहर आ गए थे। करीब एक घंटे बाद 3.17 बजे दोबारा कंपन ने लोगों को डरा दिया था। इससे पहले 5 सितंबर को सुबह 11.37 फिर दोपहर करीब डेढ़ बजे दो बार भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए थे। अगस्त माह में भी लोगों ने 4 से 5 बार कंपन महसूस किया था।
कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग ने भूगर्भीय हलचल की जांच भू-सर्वेक्षण विभाग से सितंबर माह में कराई थी। 7 सितंबर को जबलपुर के जियोफिजिसिस्ट एमएस पठान व असिस्टेंट जियोलॉजिस्ट सुजीत कुमार जांच करने सिवनी पहुंचे थे। जबलपुर भू सर्वेक्षण विभाग ने रिपोर्ट भेजी थी। 27 सितंबर को जारी रिपोर्ट में जिला प्रशासन ने बताया कि निम्न दाब के कारण भूकंप जैसे झटके शहर व जिले में महसूस किए जा रहे हैं। सिवनी सेंट्रल इंडियन टेक्नोटिक जोन में स्थित है। प्रथम दृष्टया वर्षा जल के अंदरूनी चट्टानों में रिसने से अंदर का दबाव बढ़ जाने से इस तरह के क्वेक या स्वाम्र्स की संभावना बनती हैं। रिपोर्ट में भू गर्भीय घटनाओं के विस्फोट की ध्वनि के साथ होने की संभावना व्यक्त की गई है। बारिश के बाद तीन से चार महीनों में यह जल भूकंपीय घटनाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी।
