एक तरफ जहां देश में स्वास्थ्य और अन्य सेवा से जुड़े लोग कोरोना वायरस के खिलाफ इस जंग में पूरी तरह से समर्पित हैं, वहीं दूसरी ओर जहाँ इन लोगों की सराहना की जनि चाहिए वहीँ कुछ लोग इस लड़ाई में परेशानी खड़ी करने में लगे हुए हैं। बता दे कि कर्नाटक की एक आशा कार्यकर्ता के ऊपर कोरोना वायरस से संबंधित डेटा एकत्र करने के दौरान हमले की सीकर हो गयी है।

कर्नाटक में एक आशा कार्यकर्ता कृष्णवेनी का कहना है कि कोरोनोवायरस पर डेटा एकत्र करते समय बेंगलुरु के बयातारण्यपुरा में उस पर हमला किया गया था। वो कहती हैं कि यह समस्या तब शुरू हुई जब एक मस्जिद से हमारे खिलाफ एक घोषणा की गई, जिसने भी यह घोषणा की कि उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
वहीँ कर्नाटक के बेंगलुरु के बयातुरानपुरा में आशा कार्यकर्ता कृष्णवेनी पर हमले के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।
