कटरा/जम्मू, 26 अगस्त (एजेंसी):
जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार का दिन भयावह साबित हुआ। भारी बारिश के बीच त्रिकुटा पहाड़ियों पर अर्धकुंवारी (इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास) यात्रा मार्ग पर अचानक विशाल भूस्खलन हुआ, जिसमें अब तक 30 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है और 23 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रा को तत्काल रोक दिया है और पूरे क्षेत्र में बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
कैसे हुई घटना
दोपहर करीब तीन बजे लगातार तेज बारिश के चलते पहाड़ी से विशाल पत्थर और मलबा नीचे गिर पड़ा। यह मलबा सीधे यात्रा मार्ग पर आया, जिससे वहां चल रहे सैकड़ों तीर्थयात्री दब गए। कई लोग मौके पर ही मारे गए जबकि दर्जनों गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
राहत और बचाव कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही CRPF, NDRF, SDRF और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहतकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि अंधेरा होने और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्यों में कठिनाई आ रही है।
यात्रा स्थगित, हजारों श्रद्धालु फंसे
कटरा से भवन तक जाने वाली यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। मार्ग बंद कर दिया गया है और करीब 5000 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कटरा शहर में श्रद्धालुओं को रुकवाने की व्यवस्था की जा रही है।
मौसम का कहर
जम्मू संभाग में बीते 24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। जम्मू शहर में 248 मिमी वर्षा हुई, जो लगभग सौ वर्षों में सबसे अधिक है। तवी, चिनाब और अन्य नदियाँ उफान पर हैं। कई जगहों पर पुल टूट गए हैं, सड़कें ध्वस्त हैं और रेल सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। रेलवे ने 22 ट्रेनों को रद्द और 27 को आंशिक रूप से समाप्त किया है। जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है।
डोडा में बादल फटने से तबाही
इधर, डोडा जिले में बादल फटने से भी भारी तबाही हुई है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि कई लोग लापता हैं। ग्रामीण इलाकों में घर और दुकानें बह गईं, सड़कें कट गईं और जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और प्रशासनिक कदम
घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त किया है। गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। राज्य सरकार ने आपात बैठक बुलाई है, सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है।
श्रद्धालुओं में दहशत
कटरा और आसपास मौजूद श्रद्धालु बेहद डरे हुए हैं। कई लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के बावजूद मायूस हैं। राजस्थान के धौलपुर से आए तीन युवक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं के परिजन अपनों की जानकारी के लिए लगातार प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं।
स्थिति अब भी गंभीर
हालांकि राहतकर्मी लगातार काम कर रहे हैं, मगर बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक और बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और अपील की है कि श्रद्धालु अभी यात्रा पर न निकलें।


