सरकार अपने स्वार्थ के लिए किसी समुदाय और धर्म की उपेक्षा और भेदभाव कर रही है. नए बने कानून में देखने को मिल रहा है. नए कानून में मुस्लिम समाज की पूरी तरह से उपेक्षा की गई है.

मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार पाक में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का बदला हिंदुस्तान में मुसलमानों से ले रही है जोकि न्यायसंगत नहीं है और मानवता के विरुद्ध है. सुप्रीम कोर्ट भारत की गरिमा को गिरने नहीं देगा. शिक्षण संस्थान भी इसकी चपेट में आ गए हैं. केंद्र से मांग करती हूं कि विभाजनकारी कानून वापस ले.
मायावती ने कहा कि भारत में हिंदू-मुस्लिम आपस में मिलकर रहते हैं. इस कानून की आड़ में विशेष समुदाय के साथ अन्याय करना बिल्कुल गलत है. अब पुलिस के जरिए उन लोगों का उत्पीड़न करवा रही है
इस कानून को लेकर पूरे देश में हिंसक घटनाएं हो रही हैं. ऐसी स्थिति में हमने आज राष्ट्रपति से भी मिलने का समय मांगा है – मायावती. आज विधानसभा में भी ये मुद्दा उठाया जाएगा.
