नई दिल्ली : इस बार स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लाल किले से यह घोषणा की थी कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (Chief Of Defense Staff) की पोस्ट जल्द ही बनाई जाएगी. सोमवार को सरकार की तरफ से इसकी आधिकारिक घोषणा हो गई. वर्तमान चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस होंगे. बिपिन रावत 31 दिसंबर को 2019 को सेना के जनरल पद से रिटायर हो रहे हैं.
सीडीएस (CDS) रक्षा मंत्री (Defense Minister) के लिए प्रधान सैन्य सलाहकार की भूमिका निभाएंगे. तीनों सेनाओं के प्रमुख भी अपनी-अपनी सेनाओं से संबंधित सलाह रक्षा मंत्री को पहले की तरह ही देते रहेंगे.
CDS के पास होंगी ये शक्तियां : सीडीएस रक्षा मंत्री के लिए प्रधान सैन्य सलाहकार की भूमिका निभाएंगे. तीनों सेनाओं के प्रमुख भी अपनी-अपनी सेनाओं से संबंधित सलाह रक्षा मंत्री को पहले की तरह ही देते रहेंगे. सीडीएस के पास तीनों सैन्य प्रमुखों समेत कोई मिलिट्री कमांड नहीं होगा. सीडीएस तीनों सेनाओं के विभिन्न संगठनों का प्रशासक होगा. सीडीएस संबंधित अथॉरिटी को तीनों सेनाओं की समेकित जानकारियां उपलब्ध कराएगा. वह डिफेंस ऐक्विजीशन काउंसिल और डिफेंस प्लानिंग काउंसिल के सदस्य होगा. पहला सीडीएस अपना कार्यभार संभालने के तीन वर्षों के अंदर तीनों सेनाओं के अंदर ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, ट्रेनिंग, सपॉर्ट सर्विस, कम्यूनिकेशन, रिपेयर्स के बीच तालमेल बनाए रखने का काम करेगा.
इसके अलावा सीडीएस मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर का समुचित उपयोग सुनिश्चित करेगा और इसे रैशनलाइज भी करेगा. सीडीएस की जिम्मेदारी स्वदेशी औजारों की हिस्सेदारी बढ़ाना भी है. अनुमानित बजट के मुताबिक सेनाओं के अंदर कैपिटल एक्विजीशन के प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करना भी सीडीएस की जिम्मेदारी है. सीडीएस औपनेविशक विरासत में मिले कुछ प्रक्रियाओं की पहचान कर उसे दूर करेगा. रैंक और फाइल में विश्वास और भरोसा पैदा करेगा.
