चीन और अमेरिका के बाद सऊदी अरब में भी कोरोनो वायरस का पहला मामले सामने आया है. सऊदी के एक अस्पताल में काम करने वाली केरल की नर्स इस जानलेवा वायरस से संक्रमित मिली हैं. विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने खबर की पुष्टि की है. फिलहाल, नर्स का इलाज चल रहा है.
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केंद्र को लिखी चिट्ठी में कहा, ‘सऊदी अरब के अजीर आबा अल हयात अस्पताल में भारतीय नर्सों के बीच कोरोना वायरस का संक्रमण गंभीर है. इस मामले में जरूरी कदम उठाया जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय मरीजों के लिए उचित उपचार और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सऊदी अरब से बात करे.
सऊदी अरब के अस्पताल में काम करने वाली करीब 100 भारतीय नर्सो की जांच की गई। केरल निवासी एक नर्स चीन में कोहराम मचाने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई है। सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी। विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि प्रभावित नर्स का असीर नेशनल अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत में सुधार है।
सांस लेने में परेशानी का कारण बनने वाला यह वायरस चीन के कई शहरों को अपनी चपेट में लेने के बाद अमेरिका तक पहुंच गया है। चीन में इस वायरस के प्रकोप से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 600 लोग संक्रमित बताए जा रहे हैं।
हवाई अड्डों पर की जा रही है थर्मल जांच
कोरोना वायरस से उत्पन्न खतरे को देखते हुए 22 जनवरी तक 60 उड़ानों से आए कुल 12,828 यात्रियों की जांच की गई, लेकिन कोई पॉजिटिव मामला नहीं पाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीती सुदान उत्पन्न स्थिति और तैयारियों पर नजर रख रही हैं। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अस्पतालों में गंभीर हालत वाले रोगियों के आइसोलेशन और वेंटीलेटर मैनेजमेंट के संबंध में तैयारी की समीक्षा करने को कहा है। अंतर की पहचान करने और निगरानी और लैब सपोर्ट के क्षेत्र में कोर क्षमता मजबूत करने के लिए कहा गया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु हैदराबाद और कोचीन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थर्मल जांच की जा रही है।
माना जा रहा है कि वायरस जानवर से फैला है
अमेरिका के 5 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। लंदन से मॉस्को तक के हवाई अड्डों पर भी जांच की जा रही है। डब्ल्यूएचओ ने पुष्टि की है कि प्रभावित लोगों के संपर्क में आने पर यह फैल सकता है। माना जा रहा है कि जानवर से यह वायरस फैला। चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के निदेशक गाओ फू ने कहा कि हम पहले से ही जानते हैं कि बीमारी एक ऐसे जगह से पनपी, जहां अवैध तरीके से जंगली जानवरों की खरीद-बिक्री होती है।

