तेजी से फैल रहे कोरोना से संक्रमण के खतरे को देखते हुए राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बैठक कर रैपिड रिस्पांड टीम का गठन किया है. ये टीमें संदिग्ध मरीजों की मौके पर जाकर ही कोरोनो के संक्रमण की जांच करेगी. इतना ही नहीं, सभी अस्पतालों और सीएचसी व पीएचसी में थर्मल स्कैनर व इंफ्रारेड थर्मोमीटर की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये है. कोरोना को लेकर शहर को 8 जोन में बांटा गया है.

हर जोन के लिए अलग टीम गठित की जा रही है. साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग से टीम का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं.मुख्य विकास अधिकारी को पूरे जनपद हेतु नोडल अफसर बनाया गया है. जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया है कि हर जोन में एक लिंक अस्पताल को चिन्हित किया जाए. प्रत्येक रैपिड रिस्पांस टीम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक भी शामिल होंगे.
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया है कि नोवेल करोना वायरस से 7 देशों से आने वाले भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं. वायरस से प्रभावित होने वाले ये वे भारतीय व विदेशी नागरिक हैं जो गत 12 फरवरी से उक्त सात देशों की यात्रा करते हुए जनपद में आए है.उनको मॉनिटर और ट्रैक करने की व्यवस्था की जा रही है. इसके लिए डीएचपी औरंगाबाद जागीर निकट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र औरंगाबाद व कैंसर हॉस्पिटल को चिन्हित किया गया है.

उक्त स्थलों पर आवश्यकतानुसार बेड, पीने के पानी व खाने की व्यवस्था की गई है जिलाधिकारी की तरफ से स्पष्ट निर्देश दिये गये है कि सभी सम्भावित मरीज के सम्पर्क में आने वाले सभी लोगों को चिन्हित करते हुए आवश्कतानुसार आइसोलेशन में रखा जाये. इसके अलावा जिलाधिकारी ने कहा कि सभी भीड़-भाड़ वाले स्थानों, शापिंग माॅल, व्यापारिक गतिविधियों वाले स्थानों पर पर्सनल हाइजीन के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था भी कराई जाए.
