गोण्डा। धैर्य-संकल्प,साहस व समर्पण के प्रतीक ज्योतिबाराव फूले की 199वीं जयंती ग्राम केशवपुर पहड़वा में मनाई गई।ज्योतिबाराव फूले साहेब के 199वें जन्मोत्सव पर पंचसील बुद्ध विहार केशवपुर पहड़वा, कहारन पुरवा में मास संगठन के राष्ट्रीय संगठक व मास संदेश के सम्पादक ए.के.नन्द द्वारा अपने वक्तव्य में ज्योतिबाराव फुले के जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि वह शैक्षिक सशक्तिकरण के प्रेरणास्रोत व असली शिक्षक दिवस के जनक थे ज्योतिबाराव फूले शिक्षा वह अग्नि हैं जो गुलामी के कफ़न को दफन कर देती है। नारी शिक्षा व संघर्ष के प्रणेता थे। सत्य समाज के निर्माता श्री फुले जी का कथन है कि सत्य को जानने वाला ही समाज की उन्नति कर सकता है इसलिए सत्य शोधक समाज की आवश्यकता है। श्री फूले के अनुसार शिक्षा उसे कहते हैं जो सही को सही और गलत को गलत कहने की क्षमता को विकसित करती है।भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई के जनक ज्योतिबाराव भारत के क्रांति सूर्य थे उन्होंने अपनी लोकप्रिय पुस्तक “किसान का चाबुक” के प्रस्तावना में अविद्या को ही हमारी अवनति का कारण माना। उन्होनें लिखा कि विद्या बिने मति गई,मति बिने नीति गई,नीति बिने गति गई,गति बिने वित्त गई,वित्त बिने शूद्र खंगले। विवेक की कसौटी आत्म निरीक्षण है,साहस का उदय सत्य से होता है और सत्यनिष्ठ व्यक्ति न तो कोई भेद-भाव मान सकता है और न ही द्वेष रखता है। फूले जी ने प्रमाणित कर दिया कि शिक्षा ही वह चाबी है जिससे सारे ताले खोले जा सकते हैं। किशोरीलाल ने कहा कि मानवता और मानव मूल्यों की पुनर्स्थापना एवं नैतिकता के विकास में फूले की विचारधारा सदैव प्रासंगिक रहेगी। टीपी अशोक एडवोकेट ने कहा कि उनके विचार पत्र और पुस्तकें सामाजिक क्रांति के ज्योति स्तम्भ बने रहेंगे। राम प्रकाश बौद्ध ने कहा कि क्रांति ज्योति फूले ने खंडित मानवता को एक सूत्र में पिरोने के लिए आजीवन संघर्ष किया। छोटेलाल ने कहा फूले दम्पत्ति ने 1848 से 1852 के 4 वर्ष की अवधि में 18 विद्यालय खोलकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। गुरबचन गौतम ने कहा कि फूले साहेब के विचारों को आत्मसात करके ही हम समाज और राष्ट्र का कल्याण कर सकते हैं।कार्यक्रम कुशल संचालन आरपी बौद्ध ने किया।कार्यक्रम का स्थगन टीपी अशोक ने मंगल मैत्री.और सब सुख गाथा से ए.के.नन्द ने किया। उक्त अवसर पर नीलम,शांति,लखपता,सविता,किरन,मीना,रीना,अनूप,केएल बौद्ध,हरीलाल,टीएल गौतम,शोभाराम,अजीत,वीरेन्द्र,धीरेन्द्र आदि ने कार्यक्रम में सहभाग किया। कार्यक्रम कुशल संचालन आरपी बौद्ध सहित भारी सँख्या में लोग मौजूद रहे।
