गोण्डा। जिले के कर्नलगंज कस्बे में गोण्डा-लखनऊ हाईवे पर सड़क हादसे में एक बेसहारा पशु की मौत हो गई। हाईवे पर मृत पशु के मांस और खाल के टुकड़े बिखर गए,जिससे दुर्गंध फैल रही है और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। कुत्ते और कौवे मृत पशु को नोचते देखे गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। यह घटना हाईवे पर आए दिन होने वाले सड़क हादसों का ताजा उदाहरण है, जिसमें बेसहारा पशु बेमौत मर रहे हैं। जिले में बेसहारा पशुओं की समस्या गंभीर होती जा रही है। ये पशु न केवल सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं, बल्कि किसानों की हरी-भरी फसलों को भी नष्ट कर रहे हैं। कागजों पर संचालित गौ आश्रय केंद्रों की हकीकत सबके सामने है। इन केंद्रों में पशुओं के भरण-पोषण के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि पशु भूख-प्यास से बेहाल हैं और देखरेख के अभाव में मर रहे हैं। शासन और जिला प्रशासन के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। आदेशों और निर्देशों का जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। गोण्डा-लखनऊ हाईवे पर विद्युत उपकेंद्र के सामने हुई यह घटना बेसहारा पशुओं की दयनीय स्थिति को दर्शाती है। किसानों और राहगीरों को इस समस्या से निजात कब मिलेगी,यह सवाल अनुत्तरित है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गौ आश्रय केंद्रों को प्रभावी बनाने और बेसहारा पशुओं की समस्या पर अंकुश लगाने की मांग की है।
