बैंक घोटाले के आरोपियों का जलवा किसी बड़े नेताओं से कम नहीं…
गोंडा:
जनपद गोंडा में यूपी कोऑपरेटिव बैंक की बड़गांव शाखा में हुए करीब 21.47 करोड़ रुपये के बड़े बैंक घोटाले का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस मामले में नामजद 16 आरोपियों में से 13 आरोपी पिछले 75 दिनों से फरार बताए जा रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ आरोपी खुलेआम सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं के साथ मंच साझा करते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद भी पुलिस अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेजों के सहारे 21.47 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े और बैंक घोटाले से जुड़ा है। इस संबंध में नगर कोतवाली गोंडा में मुकदमा दर्ज किया गया था और 12 जनवरी 2026 से पुलिस इसकी जांच कर रही है। मामले में फरार चल रहे आरोपियों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय, तत्कालीन प्रबंधक सुशील कुमार, तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार के अलावा खाताधारक सुमित्रा पाल, संजना सिंह, राज प्रताप सिंह, जय प्रताप सिंह, फूल मोहम्मद, रितेंद्र पाल सिंह, गीता देवी वर्मा, दुष्यंत प्रताप सिंह, मोहम्मद असलम और प्रतीक कुमार सिंह के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कुछ आरोपी हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व सांसद और मौजूदा विधायक के साथ मंच पर बैठकर उनका स्वागत करते हुए भी देखे गए। इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, जिसके बाद यह सवाल और गहरा हो गया है कि जब आरोपी सार्वजनिक रूप से नजर आ रहे हैं तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर पा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार चल रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। इस मामले की जांच कर रहे अपराध निरीक्षक सभाजीत सिंह का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि 12 जनवरी को मुकदमा दर्ज होने के बाद भी यदि 26 जनवरी को आरोपी खुलेआम सार्वजनिक मंच पर दिखाई देते हैं, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या गोंडा पुलिस सच में बैंक घोटाले के आरोपियों की तलाश कर रही है, या फिर कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित है?
