लखनऊ। लखनऊ के आईटी सिटी क्षेत्र में बन रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय का निर्माण कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जहाज के आकार में तैयार हो रहा यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की ताकत और गौरव का जीवंत प्रतीक बनता नजर आ रहा है। संग्रहालय को नौसैनिक वास्तुकला के अनुरूप पोर्थोल स्टाइल खिड़कियों, जहाज की रेलिंग और नौसेना उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। परिसर में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ विशेष आकर्षण के रूप में विकसित की जा रही है, जहां ऐतिहासिक टीयू-142एम विमान और सी किंग एसके-42बी हेलीकॉप्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही आईएनएस गोमती से जुड़े मिसाइल, टारपीडो, गन और पनडुब्बी रोधी उपकरण भी यहां पहुंच चुके हैं।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि लखनऊ में बन रहा नौसेना शौर्य संग्रहालय प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की वीरता, त्याग और समुद्री शक्ति का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आएगा। इसे जहाज के स्वरूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे यहां आने वाले लोगों को वास्तविक नौसैनिक अनुभव मिल सके।उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को देशभक्ति और सैनिकों के बलिदान से जोड़ना है। यहां विकसित किया जा रहा ‘स्मृति उद्यान’ वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण स्थल होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संग्रहालय आने वाले समय में लखनऊ की एक प्रमुख पहचान बनेगा और देशभर से पर्यटकों को आकर्षित करेगा।अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। Ekana Stadium के पास सीजी सिटी में बन रहा यह संग्रहालय उसी श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण आकर्षण के रूप में उभर रहा है। यहां सिम्युलेटर, 7डी थिएटर और डिजिटल माध्यमों के जरिए आगंतुकों को नौसेना के इतिहास और अभियानों का वास्तविक अनुभव मिलेगा।उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय लखनऊ को एक प्रमुख पर्यटन और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
