झारखंड में दिल्ली की तरह 100 यूनिट तक बिजली फ्री
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हेमंत सोरेन सरकार भी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के मॉडल पर चल रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस की गठबंधन सरकार ने अपने पहले बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली पर ध्यान दिया है। दिल्ली की तर्ज पर 100 यूनिट बिजली फ्री करने और राज्य में मोहल्ला क्लीनिक खोलने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा किसानों की कर्जमाफी, स्कॉलरशिप और मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
झारखंड के वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए राज्य का बजट पेश किया करीब 86 हजार 370 करोड़ रुपये के बजट में 13,054.06 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 73,315.94 करोड़ रुपये का राजस्व व्यय रखा गया है। नए वित्तीय वर्ष में आठ प्रतिशत विकास दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्तमंत्री उरांव ने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया है बजट में किसानों के कर्ज माफ करने की भी घोषणा की गई है।
बजट भाषण में वित्तमंत्री ने कहा है कि किसानों के कर्ज माफ होंगे। पहले चरण में 50 हजार रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए जाएंगे। जिला स्कूलों को उच्चस्तरीय विद्यालय के रूप में विकसित करने का भी प्रावधान बजट में किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए विशेष योजना चलाने की योजना बनाई गई है।
बजट में 50 साल से ऊपर के सभी लोगों, सभी विधवाओं को राशन उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। बजट को लोक लुभावन बनाने के लिए सरकार ने बजट में एक विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का प्रावधान किया है। इसके लिए अलग से बजट में 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसी तरह मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है।