विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने संवाददाताओं से कहा, ” हम अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने को प्रतिबद्ध हैं। मुझे लगता है कि वह एक महत्वपूर्ण कदम था। ना केवल राष्ट्रपति के साथ बल्कि विदेश मंत्री के साथ भी कई मुद्दों पर चर्चा हुई और अब बैठक में किए गए वादों को पूरा करने का समय है।
उन्होंने खान और ट्रम्प के बीच हुई इस बैठक को आरंभिक बैठक बताया और कहा इसने राष्ट्रपति और विदेश मंत्री को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से मिलने, आपसी संबंध बनाने और घनिष्ठता बनाने का मौका दिया।
ओर्टागस ने कहा, ” जब बात आतंकवाद से लड़ाई की आती है, आपके पास विदेश मंत्री हैं जो अपने पूरे कार्यकाल में इसको लेकर प्रतिबद्ध रहे हैं और यह एक ऐसा मुद्दा है जो वह अपने सहयोगियों, दोस्तों और हर किसी से बातचीत के दौरान उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका बंधकों को रिहा कराने के लिए भी पाकिस्तान से बात कर रहा है।
ओर्टागस ने कहा, ” अब हमें लगता है कि इस पहली सफल बैठक को आगे बढ़ाने का समय है। मैं प्रधानमंत्री द्वारा कही बातों में से एक का उल्लेख करना चाहूंगी, उन्होंने संकल्प लिया था कि वह अफगान सरकार से बातचीत करने के लिए तालिबान से अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध है।
